
ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध की आग अब लेबनान में भी और तेज होती दिख रही है. इजरायल ने ईरान समर्थक हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने हमले बढ़ा दिए हैं, लेकिन इस पूरे टकराव के बीच अब एक नया खतरा सामने आया है. संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना UNIFIL पर हमला हुआ है. इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इस मिशन में भारत के 642 सैनिक तैनात हैं. यानी लेबनान में बढ़ती हिंसा का असर अब सीधे भारतीय जवानों की सुरक्षा से भी जुड़ गया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को उन घटनाओं की निंदा की, जिनमें दक्षिणी लेबनान के यातर, देइर कीफा और क्लाउइह कस्बों के पास नियमित गश्त कर रही UNIFIL की टुकड़ियों को निशाना बनाया गया. मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का ‘गंभीर और अस्वीकार्य’ उल्लंघन बताया.
लेबनान में संयुक्त राष्ट्र की सेना पर हमला
यह बयान तब आया, जब UNIFIL ने खुद कहा कि उसकी तीन गश्ती टीमों पर एक गैर-राज्य सशस्त्र समूह ने रविवार को गोलीबारी की. रिपोर्टों में संकेत है कि यह समूह हिजबुल्लाह हो सकता है, हालांकि आधिकारिक तौर पर नाम नहीं लिया गया. UNIFIL के मुताबिक शांति सैनिकों ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की और बाद में अपना काम जारी रखा. राहत की बात यह रही कि इस ताजा हमले में कोई घायल नहीं हुआ. लेकिन यह पहली बार नहीं है, जब संयुक्त राष्ट्र बल निशाने पर आया हो. पिछले हफ्ते भी एक UN बेस पर तोपखाने से हमला हुआ था, जिसमें घाना के तीन शांति सैनिक घायल हो गए थे. UNIFIL यह जांच कर रहा है कि वह हमला इजरायली सेना की ओर से जानबूझकर किया गया था या नहीं.
